आशियाना टूटा तो कलक्ट्रेट पर बैठ गए 58 परिवार
मासूम बच्चों सहित ग्रामीणों ने निकली 15 किलोमीटर की पदयात्रा,

तालाब किनारे मकान तोड़े जाने के विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट को घेरा
15 किलोमीटर की गांव से बागपत कलक्ट्रेट की पैदल यात्रा कर, धरने पर बैठे ग्रामीण
बच्चों सहित 58 परिवार के लोगो ने की कलक्ट्रेट में अनिश्चित कालीन धरने की घोषणा
बागपत (कुलदीप पंडित) बागपत के बसी गांव में तालाब की भूमि के अतिक्रमण हटाने के मामले में ग्रामीणों ने लगभग 15 किलोमीटर पद यात्रा करते हुए डीएम ऑफिस के बाहर पड़ाव डाल दिया। ग्रामीणों में महिलाएं भी बर्तन लेकर पहुंचीं। इनके आक्रोशित तेवर देखकर पुलिस की हलचल बढ़ गई। पड़ाव को लेकर एसडीएम खेकड़ा व बागपत कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों ने ऐलान किया कि जब तक तोड़े गए मकान का पुननिर्माण या मुआवजे का आश्वासन नहीं दिया जाता है, तब तक धरना नहीं उठेगा। रात को भी यहीं बैठेंगे। बता दें कि दो दिन पहले बसी गांव में प्रशासन द्वारा तालाब से अवैध कब्जा हटाते हुए दर्जनों मकानों को ध्वस्त कर दिया था। वहीं एसडीएम व पुलिस के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। महिलाएं भी अपने साथ बर्तन और जानवरों को भी लेकर आईं, ताकि जरूरत पड़ने पर दिन और रात यहीं रुके रहें ।



