उत्तरप्रदेशबागपत
कलक्ट्रेट लोक मंच पर पौध भण्डारा कार्यक्रम का किया गया आयोजन
पानी को बनाया नहीं जा सकता बचाया जा सकता है

धरती होगी हरी-भरी मिलकर पेड़ लगाएं सभी
कलेक्ट्रेट लोक मंच पर पौध भण्डारा कार्यक्रम का किया गया आयोजन
जल संरक्षण व पर्यावरण के लिए सभी दें अपना योगदान
पानी को बनाया नहीं जा सकता बचाया जा सकता है
- बागपत (कुलदीप पंडित)
- “” धरती होगी हरी-भरी मिलकर पेड़ लगाएं सभी””
- वन महोत्सव 1 जुलाई से 7 जुलाई 35 करोड़ वृक्षारोपण जन आंदोलन कार्यक्रम के अंतर्गत आज कलेक्ट्रेट लोक मंच पर पौध भंडारा कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, की अध्यक्षता में किया गया, भारत सरकार द्वारा सम्मानित पदम श्री उमा शंकर पांडे जो जनपद बागपत में अटल भूजल की संदेश यात्रा लेकर पहुंचे और सभी को जल और पौधों के प्रति जागरूक किया।
- वृक्षारोपण के महत्व के प्रचार-प्रसार के लिए पौधों की बारात. –
- पौध भण्डारा एवं ग्राम नैथला में सरोवर के किनारे वृक्षारोपण कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
पदम श्री उमा शंकर पांडे ,अपर जिलाधिकारी पंकज वर्मा एवं प्रभागीय वनाधिकारी हेमन्त कुमार सेठ ने हरी झण्डी दिखाकर अटल भूजल यात्रा एवं पौधों की बारात को कार्यालय खण्ड विकास अधिकारी, बागपत से रवाना किया एवं सभी अधिकारीगण यात्रा तथा बारात के साथ चले। पौधों की बारात में लगभग 50 प्रजातियों के पौधे उनके सामान्य एवं वैज्ञानिक नाम सहित प्रदर्शित किये गये। बरगद का पौधा इस बारात का दूल्हा बना बारात में कनक चंपा, शीशम, सागौन, आम, गुटेल, अमरूद, बहेडा, जामुन, पुत्रजीवा, महुआ, अर्जुन, नालाबार नीम, आँवला, अमलतास, खैर, गोल्ड मोहर, सहजन इत्यादि शामिल रही। इस कार्यक्रम में सम्मिलित लक्ष्य पब्लिक स्कूल, बागपत, एम०जी०एम० पब्लिक स्कूल, ढिकौली, दिगम्बर जैन इण्टर कॉलिज, डी०ए०वी० इण्टर कॉलिज, टटीरी एवं युमना इण्टर कॉलिज, बड़ौत विधालयों के एन०सी०सी० कैडेटस, स्काउट गाइड एवं छात्र-छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ यात्रा में प्रतिभाग किया। अटल भूजल यात्रा एवं पौधों की बारात लोक मंच कलैक्ट्रेट पहुँची। जहा पर वन विभाग द्वारा आयोजित पौध भण्डारा कार्यक्रम में सभी प्रतिभागी सम्मिलित हुए । पौध भण्डारा कार्यक्रम में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने अपने सम्बोधन में जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डाला । उन्होंने समस्त जनपद वासियों से आव्हान किया कि जीवन बहुत अनमोल है जीवन को जीना है तो वृक्ष लगाना है हमारे जीवन में हर कदम पर वृक्षों की उपयोगिता होती है उन्होंने कहा प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए पर्यावरण रक्षा के इस वृक्षारोपण जन आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें - जितना व्यक्ति का जीवन जरूरी है उतने ही इस धरती पर हरे भरे पेड़ भी जरूरी हैं
- इसलिए पर्यावरण के प्रति सजग रहें एक-दूसरे को सजग करें युवा देश के भविष्य हैं पौधों के प्रति अवश्य जागरूक रहे । जिलाधिकारी ने बागपत के दो ब्लॉक बागपत ओर पिलाना के भूजल स्तर के डार्क जोन में होने तथा अन्य ब्लाकों में भी भूजल स्तर के अति निम्न होने पर चिंता जतायी। जिलाधिकारी ने आगाह किया कि पर्यावरण संतुलन के बिगड़ने से आने वाली आपदाए कई वर्षो बाद आती है। एवं ऐसी आपदाओं को आने के बाद उनको सम्भालना लगभग असम्भव है। अतः समय रहते हैं अभी से पर्यावरण संरक्षण हेतु हर सम्भव प्रयास करने से ही अगली पीढ़ी के लिए धरती पर जीवन सम्भव हो पायेगा। उन्होने कहा कि जल संरक्षण एवं अधिक से अधिक पौधों को लगाना और उन्हें परिपक्व वृक्ष होने तक बचाये रखना ही इस समस्या का एक मात्र उपाय है। वन विभाग के सौजन्य से पौध भंडारा कार्यक्रम में जिलाधिकारी व पदम श्री उमा शंकर पांडे द्वारा उपस्थित समस्त स्काउट, एनसीसी अन्य महानुभाव गणों को पौधे वितरित किए गए और उन्हें संदेश दिया गया कि अपने घर के परिसर में या आसपास में पौधा अवश्य लगाएं और पौधा लगाने के साथ-साथ उसका संरक्षण भी अवश्य करें जितना जीवन में पौधा लगाना जरूरी है उससे अधिक उसका संरक्षण करना भी जरूरी होता है। जल योद्धा व पदम श्री पुरस्कार से सम्मानित उमा शंकर पांडे ने पानी का बेटा पेड़ को बताया है उन्होंने कहा कि पेड़ हमें धोखा या फल देते हैं अगर पेड़ होंगे प्रकृति पर तो जल भी होगा इसलिए माननीय प्रधानमंत्री की सामाजिक रचनात्मक मन की बात में अमृत सरोवर का कार्य किया जा रहा है। जिससे कि जल पूर्ति बनी रहे। प्रधानमंत्री के इस विजन को साकार करने के लिए सभी संकल्पित हो । उन्होंने कहा कि पानी को बनाया नहीं जा सकता लेकिन बचाया जरूर जा सकता है इसलिए पानी का सदुपयोग करें बेफिजूल में पानी का अनावश्यक खर्च ना करें। प्रभागीय वन अधिकारी हेमंत सेठ ने कहा की
- मुख्यमंत्री के निर्देशन में 35 करोड पौधे लगाए जाने का जन आंदोलन उत्तर प्रदेश में चल रहा है।
- इसमें जनपद बागपत ही पौधे लगाए जाने के लिए संकल्पित है प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा कि एक व्यक्ति अपने जीवन काल में न्यूनतम् 12 पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षित करे तभी अगली पीढ़ियों के लिए भविष्य में पर्याप्त ऑक्सीजन एवं अन्य प्राकृतिक संशाधन उपलब्ध कराना सम्भव होगा।कार्यक्रम का संचालन सुषमा द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मोतीलाल व्यास, परियोजना निदेशक विद्या नाथ शुक्ला ,जिला उद्यान अधिकारी दिनेश अरुण ,जिला भूमि संरक्षण अधिकारी संदीप पाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



